Monday, August 2, 2021

अध्याय एक- श्लोक 9 और 10



 अन्य  च बहवः श्रुरा  मदर्थे त्यक्तजिविताः | 

          नानाशस्त्रप्रहरणाः  सर्वे  युद्धविशारदाः  ||  ९  || 


अन्ये  - अन्य सब;    - भी;  बहवः  - अनेक;  शुराः  - वीर;  मत्-अर्थे  - मेरे लिए;  त्यक्त-जीविताः  - जीवन का उत्सर्ग करने वाले;  

नाना  - अनेक;  शस्त्र  - आयुध;  प्रहरणाः  - से  युक्त;  सर्वे  - सभी;  युद्ध-विशारदाः  -  युद्धविद्या  मे  निपुण  । 


ऐसे अन्य वीर भी हैं जो मेरे लिए अपना जीवन त्याग करने  के लिए  उद्यत हैं । वे विविध प्रकार के हथियारों से सुसज्जित है और  युद्धविद्या मे  निपुण  है । 




अपर्याप्तं तदस्माकं  बलं भीष्माभिरक्षितम्  |

   पर्याप्तं  त्विदमेतेषां  बलं  भीमाभिरक्षितम्  ||  १०  || 


अपर्याप्तं  -  अपरिमेय;  तत्  -  वह;  अस्माकमं  -  हमारी;  बलम्  - शक्ति;  भीष्म  - भीष्म पितामह द्वारा ; भिरक्षितम्  -  भलीभाँति  संरक्षित;  

पर्याप्तं  -  सीमित;  तु  -  लेकिन;  इदम्  -  यह  सब;  एतेषाम्  -  पाण्डवों की; बलम् -शक्ति;  भीम -भीम द्वारा;  अभिरक्षितम्  -  भलीभाँति संरक्षित  । 


हमारी शक्ति अपिरमेय है और हम सब पितामह द्वारा भलीभाँति  संरक्षित है, जबकि पाण्डवों की शक्ति भीम द्वारा भलीभाँति संरक्षित  होकर भी सीमित  है। 

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अध्याय एक - श्लोक 35 और 36

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